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मानो ना मानो

कुछ से ज्यादा
बहुत कुछ
हमारे बीच
था, है और रहेगा
कहने को हम हैं अलग-अलग
पर मैं तुममें
तुम मुझमें
थे, हैं और रहेंगे
हरदम, हरपल।
बहुत कुछ रहा हमारे बीच
पर लगता रहा यही
कुछ नही है हमारे बीच
क्या मन भर
क्या तन भर
सदियां गुजर गईं
इसी कशमकश में
ये अब पता चला
तर्क है नही
इस संबंध में
जो थे, हैं और रहेंगे
हमारे-तुम्हारे बीच

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